प्रथम लिखित आधारभूत ग्रंथ
बोधित किए, आम जन,संत
ज्ञान का, प्राचीनतम आधार
वेद,'अपौरुषेय' 'श्रुति' विचार।
भारतीय संस्कृति,दर्शन के गर्व
वेद, ऋग,यजुर्, साम, अथर्व
अग्नि,वायु , आदित्य अंगिरा
इन ऋषियों द्वारा गृहीत निरा।
न केवल धार्मिक या आध्यात्मिक
हर क्षेत्र में मार्गदर्शन , मार्मिक
वेदों में निहित ज्ञान शिक्षाएं
आज भी प्रसांगिक,जाते अजमाये।
वैदिक साहित्य,सहायक अंग
सहज समझाते, छः वेदांग,
शिक्षा, कल्प,व्याकरण,निरुक्त
छंद,ज्योतिष, करें सहज सुक्त।।
वेद ,वेदांग, उपनिषद,पुराण
सनातन के व्याख्यायित ज्ञान दे
सृष्टि रहस्य,मोक्ष , और ध्यान
१०८ उपनिषद,आत्मेन ज्ञान ।।
"उपनिषद" हैं ग्रन्थ, वेद सार
" प्रस्थानत्रयी" का एक आधार
अन्य "भागवत गीता" "ब्रह्मसूत्र"
ये तीनों ,वेदांत के धर्म सूत्र।।
देव,ऋषि,राजा,की वंशावली
कथा रुप ,सहज शब्दावली
देते धर्म, दर्शन, इतिहास ज्ञान
सनातन के ,अठारह महापुराण।।
नवाचार, तार्किक, सत्यान्वेषी
हिन्दू धर्म, सहज समावेशी
भिन्न-भिन्न दर्शन,पूजा पद्धतियां
अनेक देव, विभिन्न रितियां।।
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