ऐ भारत माँ के लाल, तूने कर दिया कमाल,
बंजर भूमि में भर दी हरियाली।
आज दिवाली, कल होगी होली,
सौगंध है माता, तेरे चरणों की,
आँच न आने दूँगा तुझे,
डटा रहूँगा सीमा पर।
हर सुख छोड़ दूँगा मैं महलों का,
ऐ भारत माँ के लाल,
तूने कर दिया कमाल।
चाँद पर तिरंगा फहराया,
भारत माँ का मान बढ़ाया।
सौगंध है माता,
जान चली जाए मेरी,
मेहनत कर अन्न उपजाऊँगा,
मेरे हमवतनों को न मैं भूखा रहने दूँगा।
वचन देता है ये लाल तेरा,
भारत माँ, मैं मान रखूँगा तेरा।
- भुनेश्वर अनंत
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