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माँ की ममता

                
                                                         
                            माँ की ममता है ईश्वर का वरदान ,
                                                                 
                            
सच पूछो तो माँ सिर्फ इंसान ही नहीं , है भगवन।

माँ की अहमियत पूछो उनसे ,
जिनकी माँ नहीं होती ,
कहने को सबकुछ है पर माँ की ममता नसीब नहीं होती।

माँ हर बच्चे की जान होती है ,
हर बच्चे का मान होती है ,
सभी का सिर्फ एक मात्र अरमान होती है ।

माँ के आँचल में हर दुःख भूल जाऊँ,
ममता का हाथ सर पर रख दे तो चैन से सो जाऊँ ।

हर बड़ी से बड़ी चीज़ माँ के सामने छोटी है ,
बच्चे को दुखी देख माँ की ममता रोती है।

जो माँ न होती तो क्या होता ?
सब से पहले यह संसार ना होता,
ममता की बरसात ना होती ,
प्यार की कोई बात ना होती ।

ममता की छाया में औलाद पलती है ,
सब ख़ुशियाँ आँचल में ही मिलती है ।

ऊँगली पकड़ कर चलना सिखाया,
यह माँ की ममता ही तो है ,
जिसने सब के साथ मिलकर रहना सिखाया ।

माँ की ममता कितनी भोली कितनी प्यारी ,
दुनिया में है सब से न्यारी ।

माँ के चरणों में ही है चार धाम,
माँ की ममता जैसा दूसरा नहीं है है कोई नाम ।
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2 वर्ष पहले

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