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सैर सपाटा

                
                                                         
                            बंद रही मै वर्षों तक
                                                                 
                            
घर की चार दीवारी में
लगी रही बस हर छोटे बड़े
सबकी तीमार दारी में

सबके लिए लगी रही दिन रात
मुझे मिला तो सिर्फ़ घाटा
अपनी इच्छाओं को पंख लगाऊं
कर आऊँ दुनिया का मै सैर सपाटा

मैं भी तो देख लूँ ज़रा ज़िंदगी जी कर
मस्त हो जाऊँ छोड़ कर दिन रात की फ़िकर

- भावना तोमर
दिल्ली
 
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4 वर्ष पहले

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