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विहंगम दृश्य

                
                                                         
                            प्रातःकाल जब सूर्य उगता है
                                                                 
                            
जो विहंगम दृश्य दिखाई पड़ती है
प्रारंभ में पूरे आकाश में छा जाती है
चिडियों के झुंड में आसमान को छूने
का प्रयास भरसक कोशिश करतें हैं
हर कोई आसमान नहीं छू सकता है
अरूणाई पूरे ओर आकाश छा गई
सूर्य की तरुणाई अब पृथ्वी छा गई
अब सूर्य की तरुणाई से बचपन की
ओर मध्यम-मध्यम बढती जा रही है
फिर जवानी बढ़ते-बढते जवानी की
ओर बढते-बढते प्रचंड हो जायेगी
जिसे सहना असहनीय हो जायेगी
यह वह विहंगम दृश्य दिखाई पड़ेगी
-भागवत प्रसाद नायक
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6 महीने पहले

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