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सोना- चांदी

                
                                                         
                            आजकल चांदी की चांदी हो गई है
                                                                 
                            
सोना तो पीला हुआ, उसकी चांदी न हो पाया
चांदी अद्भुत चमक के साथ रानी हो गई
जोश तो सोने में आया पर चांदी न बन पाया
समय-समय की बात है कभी किसी का दिन है
पहले चांदी मुस्काराई ,फिर खिलखिलाई
सोना बिचारा मुस्कुराया, पर हॅस न सका
कभी किसी की दिन है किसी की रात
यही चीज जिन्दिगी में लागू होती है
इसलिए सजग रहें.मुस्तैद रहें
जीवन रेखा सरल रेखा नहीं, वक्र रेखा है
सभी को कभी- न- कभी गुजरना पड़ता है
ये जिन्दगी है यारों कभी मन को न मारो
आज रात है तो दिन कभी-न-कभी होगा ही
अपने पर विश्वास रखो, कर्म की पूजा करो
सच्चे मन से ईश्वर की आराधना करो
पर कर्म को निरंतर करो
एक दिन भाग्य जरुर चमकेगा जैसे चांदी चमकी है
-  भागवत प्रसाद नायक
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6 महीने पहले

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