आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

संकट मोचन

                
                                                         
                            संकट मोचन बजरंग बली ही हैं
                                                                 
                            
इस युग में बजरंग बली सब संकट से मुक्त करते हैं
संकट कैसे भी हो? खुद ही प्रयास करना चाहिए
संकट आपका है तो हल स्वंय को करना पड़ता है
यदि आप किसी संकट के भंवर में घिर गये हों
यही सही समय होता है ,अपने लोगों को परखने का
सगे-संबंधियो, दोस्तों और करीबी लोगों को परखने का
यदि पहले सगे-संबंधियो,पडोसी हाथ उठा दिया हो
तो दोस्तों जरुर परखें ,वही सही मददगार होते हैं
यह भी हो सकता है कि दोस्त ,दोस्त न रहा
प्यार, प्यार न रहा ।अब किसी पर ऐतबार न रहा
एक ही बच गया, जिसके शरण में जा सकतें हैं
कलयुग के जीवंत तारणहार के शरण में जा सकते हैं
वो हैं संकट मोचन बजरंग बली
- भागवत प्रसाद नायक
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
10 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर