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सहस्त्र भुजाएं

                
                                                         
                            परिवार को आगे बढ़ाना है तो दो भुजाएं पर्याप्त नहीं
                                                                 
                            
परिवार में सिर्फ एक कमाए याने दो भुजाएं पर्याप्त नहीं
परिवार को चलाने के लिए और सदस्यों कमाना पड़ेगा
उसी तरह देश को चलाने के लिए दो भुजाएं पर्याप्त नहीं
देश को चलाने के लिए सहस्त्र भुजाओं की आवश्यकता है
देश को आगे बढ़ाने के लिए सहस्त्र-सहस्त्र भुजाओं की आवश्यकता होगीं
इसका तात्पर्य करोड़ों नागरिकों की सहभागिता की आवश्यकता होगी
नौजवान देश में नौजवानों की कोई कमी नही सिर्फ उत्साहित करना
देश के नेताओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को सिर्फ अलख जगाना है
देश को सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाना है प्रगतिशील से प्रगतिप्राप्त बनाना है
आओ हम लोग जुट जाएं हर नागरिकों को समृद्ध बनाएं
देश की जनता समृध्द और प्रगतिशील बने और रामराज्य की परिकल्पना साकार करें
देश युध्द के अस्त्र-शस्त्र मे स्वावलंबन की ओर तीव्रतम गति से बढ़ रही है
हमारी सैन्यशक्ति में बहुत तरक्की कर चुकी है उसकी गति बनाए रखनी है
हमारे सैनिकों अद्भूत है, पराक्रमी है इसलिए देश सुरक्षित है
किसानों को फसल के लिए हर संभव सहायता करनी है
ताकि देश खाद्य सामग्रियों का मोहताज न रहे ऐसी प्रयास करनी है
नागरिकों के सहस्त्र-सहस्त्र भुजाओं पर है भरोसा देश तो आगे बढ़नी है
-भागवत प्रसाद नायक
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7 महीने पहले

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