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कलरव की ध्वनि

                
                                                         
                            सुबह हुआ, पक्षियों के कलरव से नींद खुली
                                                                 
                            
सूरज उगा, छा गई आकाश में रक्ताभ आभा
उड़ते पक्षियों झुंड, मानो सभी काले पक्षी
सभी अलग-अलग रंगों के पक्षी काले पक्षी
सूरज के रक्ताभ आभा ने सब रंगों एक कर दिया
मैं देखा आकाश को , अपना रंग परिवर्तन कर दिया
इस औलिकिक दृश्य को देख कर ऐसा लगा
मानो खूबसूरत प्रकृतिक दृश्य ने मन मोहित कर दिया
पृथ्वी और आकाश दोनों कोसो दूर रहती है
पर दोनों का सामंजस्य मन को मोहित कर दिया
क्या हम सब इन दृश्यों वंचित होना चाहते हैं
नहीं तो पक्षी का कलरव , स्वस्थ आकाश
और निर्मल धरती, स्वस्थ वातावरण को
बचाव करना है तो वृक्षो, पर्वत, पर्यावरण
को संरक्षित करना होगा अन्यथा
हमको पर्यावरण इस सुख से वंचित कर देगा
- भागवत प्रसाद नायक
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10 महीने पहले

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