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जिन्दगी के आखरी पड़ाव

                
                                                         
                            जवानी ढल गई
                                                                 
                            
जोश अभी बाकी है
नशा अभी उतर गया
ख़ुमार अभी बाकी है

जवानी ने रिंग बजाई
और फौरन विदा हो गई
दिल में अभी रवानी बाकी है
क्योंकि
हमें जिंदा रहना है
बाकि शौक जहन में जिंदा रखिए
और उम्र को धता दीजिए
क्योंकि
यदि ख्याशियाॅ अभी बाकी है
तो हस्ती हमारी जिंदा है
वरना समझिये कि
तो हम जबरदस्ती अभी जिंदा है
- भागवत प्रसाद नायक
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10 महीने पहले

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