आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

दीपावली

                
                                                         
                            मर्यादा पुरुषोत्तम राम लौटे रावण बध के बाद अयोध्या
                                                                 
                            
अयोध्या सज गई दुल्हन की तरह दीप जले घर-घर में
मर्यादा पुरुषोत्तम राम के स्वागत के लिए दीप जले घर-घर में
दीपावली के तैयारी में एक माह पूर्व घर की साफ-सफाई
की जाती है
मिथ्या पर सच की जीत के रुप में मनाई जाती है
दीपावली के बीस दिन पूर्व रावण पुतला बना कर
दसहरा के दिन रामलीला का मंचन पुतला जलाया जाता है
रावण के पाप कर्म और माता सीता के हरण के दोषी को जलाया जाता है
राम को मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहा जाता है
कि राम हमेशा मनुष्य रुपी शरीर को मानव जैसे जीया है
पुत्र के रुप में मां की आज्ञा का पालन चौदह वर्षों के वन जा कर किया
राजा दसरथ के कैसी दिये के वचन को पुत्र रुप में निभाया
अयोध्या के राजा के रुप में सीता के ऊपर लगाए आरोप के स्वरुप सीता की त्याग करणा पडा
इन सब कारणों के कारण उनको मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है
- भागवत प्रसाद नायक
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
10 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर