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आज का वातावरण

                
                                                         
                            नेताओं का बोल-बाला
                                                                 
                            
बाकी लोगों का मुंह काला
सब तरफ है गडबड झाला
रुपया बोलता है
रुपया सब काम करवाता है
चाहे हो नेता चाहे हो अफसर
सभी खोजतै हैं अवसर
फकीर बजा रहें तम्वुरा
घर बैठे मिल रहा राशन
यह कैसा है ?शासन
जनता के टैक्स से बांट रहे
सभी को बांट रहें है तोफहा
टेक्स भरने वाले हो रहे खफा
पर परवाह नहीं चुनाव जीतने के बाद
नेता दिखा रहें हैं तेवर
किसान अपना बेच रहे हैं जेवर
पर उनका किसी प्रकार का केयर
न किसी डर न भय
जनता है असहाय
उनकी लगेगी हाय
पर उनको भय नहीं
कोई पश्चाताप नहीं
कोई गुरेज नहीं
कोई पश्चाताप भी नहीं
क्या करे टैक्स पेयर
नेता नहीं बदल रहे हैं गेयर
फेसबुक का एक ही सहारा
सब घटनाएं हो रही वायरल
इन पोस्टों के देख कर
बहुत मिलेगी लाईक
युवकों को मिल बाईक
युवक-युवतियां फरार्टे से
बाईक से कर रहें हैं स्टंट्स
बोल रहे अंटसंट
क्या होगा देश का
सब दिग्भ्रमित हैं
कौन दिखायेगा राह
कई नये नेता आये
बड़े-बड़े
कर गये वादे खड़ें खड़े
जनता ने उनकों वोट दे कर जिताए
जितने के बाद
कभी भी वोटर को मुंह न दिखाए
क्या करे जनता
उन्हें कोई तो बताए
- भागवत प्रसाद नायक
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
10 महीने पहले

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