हवा की तरह अपना नाम फैलने दो
लोगों को यूं ही दिल में बसने दो
ये दुनिया कितनी प्यारी है
लोगो से तो अपनी यारी है
जितना नाम कमाया है
उतना पैसा नहीं पाया है
प्यार करना कोई खेल नहीं
क्योंकि तेरा मेरा कोई मेल नहीं
वो हमसे प्यार करते-करते रूठ गये
जब वक्त हमारा सही हुआ तब वो हमसे छूट गये
-बीर बहादुर सिंह
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