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मेरी तरह बनकर तो देखो

                
                                                         
                            कठिन रास्तों को भी पैदल ही नापा जा सकता है,
                                                                 
                            
तुम जुनून से रास्तों पर चलकर तो देखो।

कोई भी युद्ध ऐसा नहीं जिसे जीता ना जा सके,
बस शिद्दत से एक बार तुम लड़कर तो देखो।

सारी अच्छाइयां भुला दी जाएंगे एक पल में,
जरा एक दफा अपने मन का करकर तो देखो।

जो मुझे हजारों मशवरा देते हैं जिंदगी जीने के,
अरे खुदकुशी कर लोगे, जरा मेरी तरह बनकर तो देखो।
-बसंत पंवार "प्रजय"
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6 महीने पहले

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