मुझ पर ये झूठी हमदर्दी न जताने दीजिए,
मेरे हिस्से की ठोकरें मुझे खुद ही खाने दीजिए।
मैं गिरूंगा, फिर उठूंगा और संभल जाऊंगा,
अभी बस मुझे खुद से ही शर्त लगाने दीजिए।
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