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बांसुरिया कौन बजाएगा

                
                                                         
                            शीश मुकुट मोर पंख
                                                                 
                            
कर शोभित धवल शंख
प्रेम, नृत्य , प्यार की
धुन कौन सुनाएगा ?
कृष्ण की बाँसुरिया तो
कृष्ण ही बजाएगा ।

पीतांबर नाम धरे
बोल कृष्ण बोल हरे !
विषम परिस्थितियों में ,
राह कौन बताएगा ?
कृष्ण की बाँसुरिया तो
कृष्ण ही बजाएगा ।

अमृत छवि मधुर वचन
प्रसन्न वदन श्याम घन
कर्म मार्ग विपदा से ,
विजयी कौन बनाएगा ?
कृष्ण की बाँसुरिया तो
कृष्ण ही बजाएगा ।

वैजयंती माल तन
हस्त में है सुदर्शन ,
अबलाओं को दु:शासन से
लाज कौन बचाएगा ?
कृष्ण की बाँसुरिया तो
कृष्ण ही बजाएगा ।
- बबिता सिंह
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एक वर्ष पहले

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