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चाहती हूँ आख़िरी साँस तक उसको

                
                                                         
                            उसको मुझसे प्रेम नहीं,
                                                                 
                            
पर ऐसा भी नहीं कि
उसे इंकार नहीं।

रहना चाहता है साथ मगर
उसे मुझ पर ऐतबार नहीं।
वो जानता है मेरी दीवानगी को
और कहता है — ये प्रेम नहीं।

येूँ तो हूँ अनकों मगर
उसके सिवा किसी का इंतज़ार नहीं।
कहने को तो हैं बहुत कुछ, मगर
सुनने के लिए वो मेरे पास नहीं।

चाहती हूँ आख़िरी साँस तक उसको
ज़िंदगी का हर लम्हा नाम उसके,
मगर मैंने अब मान लिया है कि
“उसको मुझसे प्रेम नहीं।”
 
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42 मिनट पहले

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