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करती हवा सरगोशियाँ

                
                                                         
                            करती हवा सरगोशियाँ।
                                                                 
                            
हैं बज रहीं खामोशियांँ।।
मधुमास में है बाग को,
ज्यों छा रहीं मदहोशियांँ।
-अविनाश ब्यौहार
 
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8 घंटे पहले

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