राजनैतिक पार्टियों के
चाल-चलन देखकर
मन में ऐसा भाव
जग रहा है।
कि लोकतंत्र अब
लोकतंत्र नहीं
जोकतंत्र लग रहा है।।
-अविनाश ब्यौहार
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