आज की नेतागिरी
राजनीति के चरित्र पर
बदनुमा दाग है।
अपनी -अपनी डफ़ली
अपना -अपना राग है।।
-अविनाश ब्यौहार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X