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यादें उम्र भर जीया करती हैं।

                
                                                         
                            किससे कहें कि रिश्ता निभाना नहीं आता हमें,
                                                                 
                            
किससे कहें कि अलग होना भी बस में नहीं है।
बस टकटकी लगाए रहते हैं उस नुक्कड़ पर,
सब कहते हैं—एक अरसे से वो यहाँ नहीं आए हैं।

हमने तो आज भी वहीं आना-जाना रखा है,
जहाँ कभी उसके आने की आहट मिला करती थी।
लोग कहते हैं—वक़्त के साथ वो भूल गए होंगे,
उन्हें क्या पता… कुछ यादें उम्र भर जिया करती हैं।
-बेसुध
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8 घंटे पहले

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