मेरे राम के प्यारे हनुमान
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 1
आ जाना प्रभु, दीप जलाऊँ,
दीप जला के दीपावली मनाऊँ।
इसी दिन श्रीराम अवध को आए,
संग-संग सीता माँ, लखन भी आए।
तुम लेके आना उन सबको साथ,
हमारे घर आ जाना।
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 2
आ जाना द्वारे, फूल बिछाऊँ,
फूल बिछाऊँ, प्रभु श्रीराम गुण गाऊँ।
सुनने को, हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 3
आ जाना प्रभु, तिलक लगाऊँ,
तिलक लगाके प्रभु, आरती उतारूँ।
आ जाना प्रभु, तिलक लगाऊँ,
तिलक लगाके प्रभु, आरती उतारूँ।
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 4
आया दीपावली का शुभ त्योहार,
हमारे घर आ जाना।
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 5
आ जाना प्रभु, वंदना करूँ,
वंदना करूँ, प्रभु वंदना करूँ।
आ जाना प्रभु, वंदना करूँ,
वंदना करूँ, प्रभु वंदना करूँ।
संग-संग लिए सियाराम,
हमारे घर आ जाना।
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 6
आ जाना, तोहे राम कथा सुनाऊँ,
तोरे साथ मिलकर राम-राम धुन गाऊँ।
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 7
आ जाना प्रभु, राम जी को भोग लगाएँ,
आ जाना प्रभु, राम जी को भोग लगाएँ,
भोग लगाते प्रभु, राम जी के हो जाएँ।
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 8
आ जाना प्रभु, आ जाना,
आकर के दरस दिखा जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
आकर के दरस दिखा जाना।
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 9
आ जाना, तोहे तुलसी माला पहनाऊँ,
आ जाना, तोहे तुलसी माला पहनाऊँ।
तुलसी माला पहनाकर,
तोहे गुड़-चना खिलाऊँ।
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 10
सिया राम जी को लेके साथ-साथ,
हमारे घर आ जाना।
मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
अंतरा 11
प्रभु करने हमारा कल्याण,
हमारे घर आ जाना।
अंतिम मुखड़ा
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
आ जाना प्रभु, आ जाना,
ओ मेरे राम के प्यारे हनुमान,
हमारे घर आ जाना।
सियावर रामचंद्र महाराज की जय!
हनुमान जी महाराज की जय!
-आशीष आत्मिक
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