जाने कहां चली गई मां
झोंके सी बह गई मां ।
दृष्टि में फिर कभी ना आई
मन में ही रह गई मां ।
एक जमाने भर का दुःख
जाने कितना सह गई मां ।
सब मिल जाएं पर न मिले
आंखो से जो बह गई मां ।
ख्याल पिता का रखना
इशारों में कह गई मां ।
- आशीष द्विवेदी 'साथी'
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