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पता नहीं था

                
                                                         
                            पता नहीं था सबकुछ बिखर
                                                                 
                            
जाएगा एक दिन।
ये दिल मोहब्बत से उतर
जाएगा एक दिन।।
वफ़ाएं तो जैसे मेरी नस
नस में बसीं थी।
मालूम न था सबकुछ बदल
जाएगा एक दिन।।
जो वक्त कुलांचे सा भरता
दिखा हमें।
वही वक्त मेरे भीतर ठहर
जाएगा एक दिन।।
चाहने लगेंगे एक दिन हम
यूं अंधेरे को।
रोशनी क़रीब आने से डर
जाएगा एक दिन।।
ख़ुद को संभालें बैठे हैं बड़ी
मुश्किलों से हम।
कहीं लग गई जो ठोकर सब
बिखर जाएगा एक दिन।।
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7 घंटे पहले

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