माँ के आँचल में जो सुकून मिलता है,
वो दुनिया की दौलत से कहाँ मिलता है।
उसकी ममता की कोई सीमा नहीं,
हर दर्द में भी वो रोती नहीं।
वो चुपचाप हमारी रातों को जागे,
हम सो जाएँ, तब तक वो ना भागे।
थाली में सबसे अच्छा टुकड़ा रखे,
खुद भूखे रहकर भी हमें ना रखे।
हर दुआ में बस हमारे नाम की बात,
माँ ही है, जो रखे हमें हर हाल में साथ।
उसके चरणों में ही स्वर्ग बसता है,
माँ के बिना ये जीवन अधूरा सा लगता है।
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