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मां धरती आकाश पिता है

                
                                                         
                            मां धरती आकाश पिता है!
                                                                 
                            
अर्जुन प्रभात
मां धरती आकाश पिता है
मन का दृढ़ विश्वास पिता है।
जीवन के तपते  मरु थल में
मधु ऋतु का आभास पिता है।।

पिता नेह की शीतल छाया
और प्रेम का पावन मधुवन
जीवन के इस कुरुक्षेत्र में
नन्द यशोदा का वृन्दावन
त्याग तपस्या  और साधना
का पावन इतिहास पिता है।
मां धरती आकाश पिता है
मन का दृढ़ विश्वास पिता है।।

पिता मूल परिवार वृक्ष का
त्याग तपस्या की यह गाथा
जहां पहुंच कर सहज भाव से
देवों का झुकता है माथा
मानव जीवन की कविता में
सद्गुण का अनुप्रास पिता है।
मां धरती आकाश पिता है
मन का दृढ़ विश्वास पिता है।।

झूठे चारों धाम धरा के
झूठे जग के तीरथ सारे
सच्ची मातु पिता की सेवा
जीवन के ये सत्य सहारे
मानव की सुंदर काया में
सांसों का उच्च्छवास पिता है।
मां धरती आकाश पिता है
मन का दृढ़ विश्वास पिता है।।
 
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33 मिनट पहले

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