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राष्ट्रीय संस्कृति

                
                                                         
                            संस्कारों से बंधी में संस्कृति मेरी पहचान है
                                                                 
                            
मैं कहूं शान से मेरा भारत महान है
शिष्टाचार और सभ्यता की यहां खान है
और आने वाला हर अतिथि भी यहां भगवान है
मैं कहूं शान से मेरा भारत महान है
नहीं कोई भेदभाव किसी ने
साथ साथ चलते हिंदू और मुसलमान हैं
मैं कहूं शान से मेरा भारत महान है
नृत्य कला और संगीत का एक अलग ही नाम है
पूरा विश्व ही करता इसका गुणगान है
मैं हूं शान से मेरा भारत महान है नदियों को भी मिलता
मां जैसा सम्मान है और हर घर में बसते
यहां प्रभु श्रीराम है
वेद, उपनिषदों का भी यहां खूब
विस्तार है
परंपराओं और मान्यताओं से बंधा यहां हर इंसान है
ऐसी पावन संस्कृति वर्णन कर पाना कहां आसान है
मैं कहूं शान से मेरा भारत महान है
 
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4 वर्ष पहले

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