मायूसियों को न चेहरे तक यूं लाया करो
आपस की है बात, सबसे तुम छुपाया करो
हमने कभी भी कसम तुमसे नहीं मांगी
खाते अगर हो कसम तुम तो निभाया करो
मानो या मानो नहीं पर अश्क हैं कीमती
तुम जां न उनको यूं ही ऐसे बहाया करो
दिल में क्यों फिर बोझ रखती हो सनम तुम भला
मुश्किल जो भी है वो तुम मुझसे बताया करो
तुम आओ भी हमसे मिलने को कभी जान अब
अक्सर बहाने न यूं हमसे बनाया करो
तस्वीर का मेरे दिल भी अब धड़कने लगे
उसको न तुम इस तरह दिल से लगाया करो
दुनिया के तुम इस झमेले से रहो दूर अब
हाँ बेवजह सर न अपना यूं खपाया करो।
-अनमोल
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