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स्वदेश मेरे !

                
                                                         
                            स्वदेश मेरा
                                                                 
                            
देश मेरा
मेरे लिए सुंदर संगीत है
यह एक मीठी गीत है
यह मेरे जीवन की गीत है
यह मेरी बंदगी है
यह मेरी जिंदगी है
स्वदेश मेरे!
तू साझ सवेरे
है दिल में मेरे
कैसे तुझे मैं भूल जाऊं?
तेरे लिए मैं अंबर छू कर आऊं
मैं अंततः तुझमें समाऊं
कैसे मैं तेरे गीत गाऊं?
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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2 घंटे पहले

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