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शिक्षक हों चाणक्य जैसे

                
                                                         
                            जब शिक्षक बनेगा मजबूत गुरु
                                                                 
                            
होगा विकास का काम तब शुरू
शिक्षक जिस देश में कर जोड़ घिघियाये
देश वह भला कैसे तरक्की कर पाए?
शिक्षक जहां घूम घूम पोलियो ड्रॉप पिलाए
शिक्षक जहां चुनाव के काम में लगाएं जाएं
शिक्षक जहां जनगणना के कार्य में लगाएं जाएं
शिक्षक जहां मिड डे मील में लगाएं जाएं
समाज भला वह कैसे आगे बढ़ पाए
शिक्षक बनाता है सुंदर समाज
कितने शिक्षक हैं चाणक्य जैसे आज?
जब गुरु चाणक्य जैसे मिल जाएं
तब लाखों चंद्रगुप्त मौर्य मिल पाएं
तब समाज पुष्प से भी सुंदर खिल पाएं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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50 मिनट पहले

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