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सज-धज कर गया जी तैयार है

                
                                                         
                            सज धज कर गया जी तैयार है
                                                                 
                            
आओ पिंडदानियों तेरा सत्कार है
पितृपक्ष मेला में भीड़ अपार है
गया जी पर ईश्वर की महिमा अपरम्पार है
" अतिथि देवो भव" का मन में भाव है
यह सब भगवान विष्णु का प्रभाव है
गयासुर ने तप किया
तब विष्णु ने दर्शन दिया
"हो सबका मोक्ष उसका दर्शन कर"
ऐसा मांगा उसने वर
भगवान बोले," इस धरा पर
जो पिंडदान करेगा
उसके पुर्वजों को मोक्ष मिलेगा"
पिंडदान करने
राम लक्ष्मण संग मां सीता भी यहां आईं
विष्णु पद मंदिर का जीर्णोद्धार करने
रानी अहिल्याबाई भी यहां आईं
तब से लोग विश्व भर से यहां आते हैं
करके पिंडदान वे घर जाते हैं
यह धरती महान है
मानता जहान है
जानता जहान है
गया का विश्व भर में पहचान है
गया से हमारा हिंदुस्तान है
हिंदुस्तान में गया का ऊंचा स्थान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक घंटा पहले

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