दिल से जो कर्म करता है
सफलता वही प्राप्त करता है
भाग्य उसी का संवरता है
जो निरंतर कर्म करता है
जो बांधाओं से नहीं डरता है
वही कुछ करता है
उसी का जीवन पुष्प खिलता है
जो बांधाओ से लड़ कर निकलता है
जो गिरता है, फिसलता है
पर तुरंत उठता है
वही ऊपर उठता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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