पढ़ोगे
नहीं तो क्या करोगे?
पढ़ोगे
नहीं तो क्या बनोगे?
पढ़ोगे
नहीं तो घास गढ़ोगे
पढ़ोगे
तो बड़े साहब बनोगे
पढ़ोगे
तो जग में नाम करोगे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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