काम जो मिला कर्तव्य समझ कर कर डालो
बहानेबाजी का मत अवसर निकालो
आलसी बहाना बनाते हैं
कर्मठ निशाना बनाते हैं
कर्मठ कुछ करके दिखाते हैं
कर्मठ जग को सिखाते हैं
बनो वीर इंसान
ओ अमृत संतान!
हो तुम वीर जवान
तुम हो हनुमान
नाप लो आज आसमान
नाप लो आज जहान
ओ वीर बलवान!
दे दो बड़ा बलिदान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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