एक हाथ से बेच रहे हैं हथियार
दूसरे हाथ में चाह रहे हैं नोबेल पुरस्कार
करते रहेंगे हथियार का व्यापार
तो कैसे रुकेगा वार?
पूछ रहे हैं कवि कलाकार
और पत्रकार।
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