जहां कोयल छेड़े मधुर तान
जहां महके पुष्प खिले बागान
जहां हैं प्रताप जैसे वीर महान
जहां हैं मंगल पांडे जैसे वीर महान
जहां घर-घर में गूंजे हनुमान
राम लक्ष्मण भरत के गौरव गान
जहां की माटी है हीरों की खान
है वही मेरा प्यारा हिंदुस्तान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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