आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

जहां कोयल छेड़े मधुर तान

                
                                                         
                            जहां कोयल छेड़े मधुर तान
                                                                 
                            
जहां महके पुष्प खिले बागान
जहां हैं प्रताप जैसे वीर महान
जहां हैं मंगल पांडे जैसे वीर महान
जहां घर-घर में गूंजे हनुमान
राम लक्ष्मण भरत के गौरव गान
जहां की माटी है हीरों की खान
है वही मेरा प्यारा हिंदुस्तान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
39 मिनट पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर