निश्चित लक्ष्य हमें जगाते हैं
बड़े लक्ष्य आलस भगाते हैं
जगो जवानों जगो
तुरंत काम पर लगो
लक्ष्य सामने हों
सपने सामने हों
भविष्य सामने हो
तो आलस कैसा?
बनो मत मुलायम पुष्प जैसा
करो कुछ कर्म वीरों जैसा
कि मरणोत्तर गुंजित गान रहे
तेरा नाम रहे, स्वाभिमान रहे
कोई रहे न रहे
हमारा हिंदुस्तान रहे
हमारा हिंदुस्तान महान रहे
सुंदर सारा जहान रहे।
- सहज कुमार
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