आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

लड़ना होगा

                
                                                         
                            हमें लड़ना होगा
                                                                 
                            
हमें अड़ना होगा
हक पर
आगे बढ़ना होगा
एवरेस्ट पर
चढ़ना होगा
बाधाएं आती है
बाधाएं जाती है
पर हमें टकराना होगा
हमें सामने आना होगा
कायरों के लिए जग नहीं है
कायरों के लिए जंग नहीं है
वीरों की यह मही है
कायरों के लिए कहीं जगह नहीं है
वीर हमें बनना है
और अभी तनना है
साहस ही गहना है
कर्म करके कुछ कहना है
तेज रफ्तार में चलना है
तेज धार में बहना है।
- सहज कुमार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
8 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर