छोड़ छाड़ कर मोबाइल इधर आओ
किताबों में डूब कर गोता लगाओ
किताबों की दुनिया में यार! आओ।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X