लाओ कलम में तेज धार
कलम के सामने कमजोर है तलवार
कलम जब सच लिखती है
तब कलम केवल आग उगलती है
कवि कलाकार बिकते नहीं हैं
जो बिक जाए उसे कवि कलाकार कहते नहीं हैं
जो बिक जाए उसे सच्चा साहित्यकार कहते नहीं हैं
जो बिक जाए उसे हम पत्रकार कहते नहीं हैं।
- सहज कुमार
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