कहां तो तय था सारा संसार जीत लेने का
अब घर में ठनी है लड़ाई कुबत नहीं परिवार
और पूरे परिवार
का प्यार जीत लेने का।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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