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जनता का प्यार

                
                                                         
                            पुरस्कार उत्कोच है,कभी मुंह बंद करने के लिए
                                                                 
                            
कभी विरोध बंद करने के लिए
देती हैं सरकारें,संस्थाएं
पा पुरस्कार भले सीना कोई फुलाए
या सीना कोई पुचकाए
जनता का प्यार
है सच्चा पुरस्कार
निराला को कहां मिला ज्ञान पीठ पुरस्कार?
प्रेमचंद को कहां मिला ज्ञान पीठ पुरस्कार?
बिना पाए पुरस्कार
हैं वे साहित्य के श्रृंगार
हैं वे बड़े साहित्यकार
हैं वे पाठकों का प्यार
मिले कोई पुरस्कार
तो ठीक नहीं तो कोई बात नहीं, यार!
लिखते रहिये निरंतर लगातार
पाते रहिए जनता का प्यार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 घंटे पहले

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