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जहां की माटी में है हीरा सोना

                
                                                         
                            जहां घर-घर में तिरंगा लहराता है
                                                                 
                            
हर छत पर तिरंगा फहराता है
जहां नित राष्ट्रगान गाया जाता है
जहां नित राष्ट्रगीत गाया जाता है
जहां माटी में सोना पाया जाता है
जहां माटी में हीरा पाया जाता है
जहां माटी से मां जानकी का हुआ अवतार है
जहां माटी से अन्न,जल,धन निकलता अपार है
जहां हर मन में गंगा है
जहां हर कर में तिरंगा है
कहते उसे हम हिंदुस्तान हैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक घंटा पहले

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