प्याज के परतों की तरह
मिट्टी की परतों की तरह
जातियों के भीतर जातियां हैं
जातियों में भी प्रजातियां हैं
इनसे बाहर आना होगा
सुंदर समाज बनाना होगा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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