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ईश्वर कहां हैं?

                
                                                         
                            " मैं यहां हूं बच्चों के मुस्कान में
                                                                 
                            
खोज रहे हैं मुझे आप आसमान में
मैं यहां हूं कर्मठ किसान के खलिहान में
मैं यहां हूं गरीबों के गिरेबान में
मैं यहां हूं ईमान में
मैं यहां हूं स्वाभिमान में
मैं यहां हूं यूं.पी.बिहार राजस्थान में
मैं यहां हूं कण कण में,सारे जहान में
मैं यहां हूं स्वदेश के बलिदान में
खोज रहे हैं मुझे आप आसमान में।"
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
59 मिनट पहले

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