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हूं मैं तैयार

                
                                                         
                            मेरे आंखों के सामने सुंदर सा सपना है
                                                                 
                            
मेरे आंखों के सामने सपना मेरा अपना है
देख कर सपने हजार
कोशिश करके बार बार
दूंगा जीवन अपना संवार
दूंगा जीवन सबका संवार
है हममें छुपी शक्ति अपार
करता मैं सपनों का व्यापार
हूं मैं जीतने के लिए तैयार
जिसको हटना है हट जाए
जिसको डंटना है डंट जाए
मैं पीछे हटूंगा नहीं
मैं युद्ध भूमि से भागूंगा नहीं
हूं मैं संकल्पवान
बनाऊंगा मैं विकसित हिंदुस्तान
है मेरा लक्ष्य पर पूरा ध्यान
जीत लूंगा मैं आसमान
हैं मेरे साथ भगवान
तो डर कैसा, मेरे यार!
हूं मैं तैयार
करके स्वदेश से प्यार
मानूंगा मैं नहीं हार।
- सहज कुमार
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8 घंटे पहले

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