आईने ना हमरा बिहार में
आईने ना हमरा संसार में
आईने ना हमरा प्यार में
जहां लीची आम अमरूद है
जहां वातावरण एक दम शुद्ध है
जहां बोधगया में महाबुद्ध हैं
जहां मुजफ्फरपुर में लीची के बागान हैं
जहां पटना में गोविंद सिंह का जन्म स्थान है
जहां महावीर महान हैं
जहां सहज के मधुर गान हैं
जहां मुजफ्फरपुर में गरीब स्थान है
जहां भोजपुरी,मगही,मैथिली भाषा हैं
जहां की संस्कृति की अपनी परिभाषा है।
- सहज कुमार
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