सर्वोच्च शिखर पर
बैठ कर
हिंदी मुस्कुराती है
हिंदी का ताज पहन कर
भारत मां इठलाती है
वे शरमाएं
वे छुप जाएं
जिनको हिंदी नहीं आती है
पूरे विश्व की रानी बन कर
शान से तन कर
हमारी हिंदी तिरंगे को लहराती है
हमारी हिंदी संयुक्त राष्ट्र संघ में
हमारी हिंदी विश्व के संघ में
विश्व के मंच पर
राजकुमारी बन कर
सारे संसार को सजाती है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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