जो गुरू की नहीं सुनता है
वही अंततः सिर धुनता है
जो सदा सबकी सुनता है
वह किसी की नहीं सुनता है
अपने दिल की सुनो
अपना सपना बुनो
अपना लक्ष्य चुनो
फिर इतिहास बनाओ
अपनी पहचान बनाओ
अपने को महान बनाओ।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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