आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

गया नगरी में आईए

                
                                                         
                            पटना से सौ किलोमीटर दूर दक्षिण में आइए
                                                                 
                            
स्वर्ग से सुंदर स्थान गया नगरी में आईए
पितृपक्ष मेला में मह मह महकते गया में आईए
जहां जुटता जहान है
जहां दोमुहान है
जहां बोधगया महान है
जहां आते अंतरराष्ट्रीय वायुयान हैं
जहां की धरती पावन है
जहां जाग्रत जन जन है
जहां की धरती पर उतरे विष्णु भगवान हैं
जहां की माटी महान है
जहां गयासुर ने तप किया भारी
उसने तप से विष्णु भगवान को यहां उतारी
जहां जुटे भीड़ भारी
जहां विष्णु पद मंदिर है
जहां महा बोधि मंदिर है
जहां कटती पितरों की जंजीर है
जहां लाखों लोग करते फल्गु में स्नान हैं
जहां लाखों लोग करते पिंडदान हैं
जहां की माटी महानों में महान है
धरती वही स्वर्ग से सुंदर स्थान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
52 मिनट पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर