पटना से सौ किलोमीटर दूर दक्षिण में आइए
स्वर्ग से सुंदर स्थान गया नगरी में आईए
पितृपक्ष मेला में मह मह महकते गया में आईए
जहां जुटता जहान है
जहां दोमुहान है
जहां बोधगया महान है
जहां आते अंतरराष्ट्रीय वायुयान हैं
जहां की धरती पावन है
जहां जाग्रत जन जन है
जहां की धरती पर उतरे विष्णु भगवान हैं
जहां की माटी महान है
जहां गयासुर ने तप किया भारी
उसने तप से विष्णु भगवान को यहां उतारी
जहां जुटे भीड़ भारी
जहां विष्णु पद मंदिर है
जहां महा बोधि मंदिर है
जहां कटती पितरों की जंजीर है
जहां लाखों लोग करते फल्गु में स्नान हैं
जहां लाखों लोग करते पिंडदान हैं
जहां की माटी महानों में महान है
धरती वही स्वर्ग से सुंदर स्थान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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